सुभाषितम्

क्षणशः कणशश्चैव विद्यामर्थं च साधयेत् ।
क्षणत्यागे कुतो विद्या कणत्यागे कुतो धनम्॥

क्षण-क्षण विद्या के लिए और कण-कण धन के लिए प्रयत्न करना चाहिए।
समय नष्ट करने पर विद्या और साधनों के नष्ट करने पर धन कैसे प्राप्त हो सकता है ।

With each drop of water the pitcher gradually gets filled.
Knowledge should be gained through minute by minute efforts. Money should be earned utilizing each and every resource. If you waste time, how can you get knowledge. If you waste resources, how can you accumulate the wealth.